नई दिल्ली। लोकसभा ने बुधवार को प्रोमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025 को मंजूरी दे दी. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत इस बिल को संसद में पेश किया. सदन में बिल के पारित होने से पहले, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पूछा कि क्या सदन इस बिल पर चर्चा के लिए या खिलाफ मतदान करना चाहता है.
यह बिल ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाता है और अधिकारियों को बिना वारंट के तलाशी लेने और गिरफ्तारी करने का अधिकार देता है. केंद्र सरकार को किसी भी स्थान, जैसे कंप्यूटर सिस्टम, सर्वर और कम्युनिकेशन इक्विपमेंट, पर ऑनलाइन गेमिंग की जांच का दायरा बढ़ाने का पावर मिलेगा.
बिल का उद्देश्य लोगों, खासकर युवाओं और कमजोर वर्गों को ऑनलाइन गेम्स के सामाजिक, आर्थिक, मनोवैज्ञानिक और गोपनीयता से जुड़े निगेटिव प्रभावों से बचाना है. यह डिजिटल टेक्नोलॉजी के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देगा, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखेगा और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करेगा.
क्या है सरकार की नीति?
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस साल की शुरुआत में संसद में कहा था कि केंद्र सरकार की नीतियां इंटरनेट को खुला, सुरक्षित, भरोसेमंद और जवाबदेह बनाने पर केंद्रित हैं. उन्होंने लोकसभा में लिखित जवाब में बताया, “इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, केंद्र सरकार ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, जिसमें ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स शामिल हैं, के लिए वित्तीय लेनदेन और उपयोगकर्ता डेटा संरक्षण को नियंत्रित करने के लिए उचित कदम उठाए हैं.”
वैष्णव ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में इनकम टैक्स की निश्चितता लाने के लिए सरकार ने फाइनेंस एक्ट, 2023 के तहत ऑनलाइन गेम्स में जीत पर 30% इनकम टैक्स लागू किया है. यह एसेसमेंट ईयर 2024-25 से प्रभावी है.
इसके अलावा, 1 अक्टूबर 2023 से ऑनलाइन गेमिंग पर 28% जीएसटी लागू किया गया है. ऑनलाइन मनी गेमिंग के सप्लायर्स को इंटीग्रेटेड GST कानून, 2017 (IGST एक्ट) के तहत सरल रजिस्ट्रेशन स्कीम के तहत सिगल रजिस्ट्रेशन लेना होगा. विदेशी ऑनलाइन मनी गेमिंग सप्लायर को भी IGST एक्ट के तहत नियंत्रित किया जा रहा है.
Author: Hindustan News 9
Author Vijay Patel









