इंदौर। सेंट्रल कोतवाली पुलिस महिला अपराधों के प्रति कितनी गंभीर है,इसका अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बावजूद छेड़छाड़ एवं गालीगलौच के एक गंभीर मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की जा रही है।
छेड़खानी करने वाले आरोपी और उन्हें संरक्षण देने वाले दुकान संचालक पर सख्त कार्यवाही करने के बजाय पीड़िता एवं उसके संस्थान संचालक को ही थाने पर बार बार बुलाकर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है, कभी बयान के नाम पर तो कभी कर्मचारियों की जानकारी के नाम पर,जिसके चलते पीड़िता को अत्याधिक मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है, जबकि आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और आरोपियों को संरक्षण देने वाले सायकल दुकान संचालक पर सख्त कार्यवाही के स्थान पर पीड़िता पर ही दबाव बनाया जा रहा है। उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार किसी भी महिला से छेड़खानी एवं अन्य गंभीर अपराधों में पीड़िता के निवास अथवा कार्यस्थल पर जाकर बयान लिए जाने चाहिए,इसके ठीक विपरीत पीड़िता को बयान देने के लिए अनावश्यक रूप से थाने पर बार-बार बुलाया जा रहा है। जब थाने पर उपस्थित महिला पुलिसकर्मी बेलमी चौहान जो कि पीड़िता के साथ दबावपूर्ण व्यवहार कर रही हैं, उन्होंने तो सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश में ही अनभिज्ञता जाहिर कर दी।

विगत दिनों महारानी रोड स्थित प्रेम ट्रेड सेंटर का एक मामला प्रकाश में आया था,जहां पीड़ितों द्वारा शिकायत की गई थी कि सायकल वर्ल्ड नामक सायकल दुकान में कार्यरत अमजद खान, असलम खान, अयूब खान, सोहेल खान, रफ़ीक रहमानी और इनके अन्य साथियों द्वारा लगातार उन्हें निशाना बनाते हुए कहीं अनैतिक हरकतें की जाती हैं,तो कभी अश्लील फब्तियां कसी जाती हैं,इसके चलते कई कर्मचारी यहां से डर कर काम छोड़ चुके हैं या कई लोग ऐसे हैं जो चुपचाप डरते हुए अपना काम करने पर मजबूर हैं, इस घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आ चुका है, जिसमें स्पष्ट रूप से उक्त आरोपियों द्वारा गलत हरकत करते हुए देखा जा सकता है। यह जानकारी भी सामने आई है कि उक्त संस्थान सायकल वर्ल्ड जहां ये विधर्मी कार्यरत हैं,उसके संचालक महेश कारडा द्वारा इन अपराधियों को खुला संरक्षण दिया जाता है और थाने से लेकर कोर्ट तक सेटिंग करके इन्हें बचाने की बात कही जाती है,जिसके चलते इन अपराधियों में पुलिस का कोई खौफ दिखाई नहीं देता और लगातार छेड़खानी, मारपीट व धमकाने की घटनाएं इनके द्वारा की जाती रही हैं।

“पूर्व में भी 2019 में सेंट्रल कोतवाली में अमजद और उसके साथी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज हो चुका है और उस समय भी ये आरोपी उक्त संस्थान सायकल वर्ल्ड में कार्यरत थे, जिसका कि एफआईआर में भी उल्लेख है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि दुकान संचालक द्वारा भी आरोपियों को समर्थन दिया जाता रहा है और अपराधिक प्रवृत्तियों के लोगों को काम पर रखा जा रहा है!“

हिंदुस्तान न्यूज9 द्वारा पूर्व में इस घटना को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे थे और आसपास उपस्थित आक्रोशित समाजजन मिलकर आरोपियों को जमकर सबक सिखाते हुए पुलिस के सुपुर्द किया था।

हाईकोर्ट अधिवक्ता रजनीश यादव के अनुसार सुप्रीम कोर्ट द्वारा छेड़खानी के विरुद्ध महिलाओं के संबंध में स्पष्ट दिशानिर्देश दिए गए हैं..
पीड़िता को थाने में न बुलाना:पूर्व में सीआरपीसी 160 एवं वर्तमान में बीएन एस 179 के अनुसार पीड़िता को रिपोर्ट दर्ज कराने अथवा पूछताछ के लिए थाने में नहीं बुलाया जाएगा। इसके बजाय, महिला पुलिस अधिकारी उसके घर अथवा कार्यस्थल पर जाकर रिपोर्ट बयान दर्ज करेंगे।
तत्काल एफआईआर: पीड़िता का बयान जल्द से जल्द ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट द्वारा रिकॉर्ड किया जाएगा।
उल्लंघन पर कार्रवाई: यदि पुलिस इन दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करती है, तो थाना प्रभारी के खिलाफ पूर्व में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 166A वर्तमान में बीएनएस 199 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
सायकल दुकान सायकल वर्ल्ड के संचालक महेश कारडा द्वारा परिसर में अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को बाउंसर के रूप में बैठाया जाता है,जो लोगों को डराने धमकाने का काम करते हैं और आते जाते लोगों पर अनावश्यक दबाव बनाते हैं, जिन पर सख्त कार्यवाही की आवश्यकता है।
2019 में सेंट्रल कोतवाली में अमजद खान और उसके साथी के विरुद्ध ऐसे ही मामले में अपराधिक प्रकरण दर्ज किया जा चुका है।

Author: Hindustan News 9
Author Vijay Patel









