भोपाल। वर्तमान परिदृश्य को दृष्टिगत रखते हुए युवाओं में नैतिकता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों की स्थापना के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने श्रीमदभागवत गीता की शिक्षा को प्राथमिकता दी है, जिसके तहत तय किया गया है कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की स्नातक स्तर की कक्षाओं में नियमित तौर पर श्रीमदभागवत गीता पढ़ाई जाएगी। इसकी कक्षाएं ऑनलाइन चलेंगी और इसके लिए विद्यार्थियों को तीन क्रेडिट अंक भी दिए जाएंगे।
इस विषय में उच्च शिक्षा विभाग का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्गत ही इस पाठ्यक्रम को शामिल किया गया है।

युवाओं के मन में नैतिक और सांस्कृतिक ज्ञान वृद्धि के उद्देश्य से यह महत्वपूर्ण निर्णय प्रदेश सरकार द्वारा लिया गया है।
Author: Hindustan News 9
Author Vijay Patel









